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आज भी बेखबर रहती हो

आज भी बेखबर रहती हो मैं बेकरार रहता हूं तुम्हारे दीदार को दिल के इरादों का कई बार कोशिश किया कि इजहार हो जाए

 जो वक्त रहते आपका सहारा मिल गया मेरे कश्ती को किनारा मिल गया

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